सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोना भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण जीएसआई

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिला सोना

आज हमरे सामने एक बहुत ही बड़ा खुलासा किया गया भारतीये भूवैज्ञानिकों के तरफ से की सोनभद्र की खान से मिल सकता है भारतीय स्वर्ण भंडार से पांच गुना ज़्यादा सोना हैं इसके अलावा और क्या है सब कुछ आपको बताने जा रहा हूँ इसलिए पोस्ट को निचे तक पढ़े आपको सारी जानकारी दिया जायेगा कैसे भूवैज्ञानिकों ने उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में 3, 350 टन सोने के अयस्क वाली दो खानों की पुष्टि की है। राज्य के खनन विभाग ने गोल्डमाइन क्षेत्र का नक्शा बनाने के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई है।

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोना

पूरी बात विस्तार में जाने

दुनिया का लगभग हर देश पीली धातु यानी सोने का भंडारण करना चाहता है। विश्व स्वर्ण काउंसिल ने हाल ही में रिपोर्ट जारी कर दुनिया में सबसे अधिक सोने के भंडार वाले टॉप-10 देशों की सूची जारी की थी। साथ ही उसकी एक रिपोर्ट के मुताबिक 14 देशों में स्थित केंद्रीय बैंकों ने साल 2019 में एक टन से अधिक सोना अपने यहाँ रिजर्व में बढ़ाया है। ऐसे में भारत में सोने की खान का मिलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत से कम नहीं है। बता दें कि भूवैज्ञानिकों ने भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाके सोनभद्र जिले में करीब 3, 350 टन(अनुमानित मात्रा) सोने की खान खोज निकाली है। हालांकि यह खोज करीब दो दशक पहले हो चुकी थी, परंतु बीते गुरुवार को ही इस खान की सीमांकन प्रक्रिया पूरी की है। प्रदेश के खनन विभाग ने गोल्डमाइन क्षेत्र का नक्शा तैयार करने के लिए सात सदस्यीय टीम भी बनाई है। 

सोनभद्र में तीन हजार टन सोने का अयस्क

सोनभद्र में कितना सोना

खनन विभाग के अधिकारी केके राय ने बताया कि सरकार इस खान को पट्टे पर देने को लेकर विचार कर रही है। इसके लिए ही सर्वे किया जा रहा है। यहां दो जगह सोना निकलने का अनुमान है, जिनमें पहला है सोनपहाड़ी और दूसरा है हर्दी क्षेत्र। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक सोनपहाड़ी में करीब 2700 टन और हर्दी क्षेत्र में 650 टन के आसपास सोना निकलने का अनुमान है।

क्या होता है गोल्ड रिजर्व या स्वर्ण भंडार

स्वर्ण भंडार या गोल्ड रिजर्व किसी भी देश के केंद्रीय बैंक के पास रखा गया वह सोना होता है, जो आर्थिक संकट के समय काम आता है। यह देश की मुद्रा की रक्षा और जरूरत पड़ने पर लोगों के धन की वापसी के लिहाज से केंद्रीय बैंक खरीदकर रखता है। भारत में रिजर्व बैंक यह काम करता है। इस भंडार की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त होती है।

भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण जीएसआई

सोनभद्र न्यूज डेस्क

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में लगभग 3000 टन सोने के भंडार की खोज की है। जिला अधिकारियों ने बताया कि सोना भंडार पिछड़े सोनभद्र जिले के सोना पहाड़ी और हरदी ब्लॉक में पाया गया है।सोन पहाड़ी में जमा लगभग 2, 943.26 टन होने का अनुमान है, जबकि हरदी ब्लॉक में लगभग 646.16 किलोग्राम है, अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में कुछ अन्य खनिज भी पाए गए हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने एंडालुसाइट, एल्युमिनियम नेसोसिलिकेट मिनरल, पोटाश और एल्युमिनोसिलिकेट मिनरल जैसे धातुओं और खनिजों के अयस्कों की भी खोज की है।
अधिकारियों का मानना ​​है कि खोजे गए सोने के भंडार देश के पीली धातु के वर्तमान रिजर्व से लगभग पांच गुना हैं। यूपी भूविज्ञान और खनन संयुक्त निदेशक जय प्रकाश ने बिजनेस स्टैंडर्ड के हवाले से कहा कि अधिकारियों और वैज्ञानिकों की एक टीम फिलहाल जिले में कैंप कर रही है और सोमवार को इस सम्बंध में एक रिपोर्ट सौंपेगी।

भारत के लिए इसका क्या मतलब है?

विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, भारत में वर्तमान में 626 टन सोने का भंडार है। नया भंडार उस राशि का लगभग पांच गुना है और लगभग 12 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका, दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार वाले देश के बगल में भारत का स्वर्ण भंडार बना देगा। वर्तमान में, यूएसए के पास 8133 टन सोना है जबकि जर्मनी 3366 टन सोने के साथ दूसरा स्थान रखता है।यह खोज यह भी सुनिश्चित करेगी कि भारत को अगले पांच वर्षों तक सोने का आयात नहीं करना पड़ेगा और इससे देश को अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा की बचत करने में मदद मिलेगी। इस बीच, सोनभद्र के जिला खनन अधिकारी केके राय ने कहा है कि सरकार इन जमाओं को खनन के लिए पट्टे पर रखने के बारे में सोच रही है, जिसके लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। "भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा सोनभद्र में स्वर्ण भंडार खोजने का काम 1992-93 में लगभग दो दशक पहले शुरू किया गया था," उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग के माध्यम से इन ब्लॉकों की नीलामी जल्द ही शुरू होगी।

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोना

सोनभद्र के बारे में

उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला, सोनभद्र, देश का एकमात्र जिला है, जो चार राज्यों मध्य प्रदेश, पश्चिम में छत्तीसगढ़, दक्षिण में झारखंड, दक्षिण-पूर्व में झारखंड और पूर्व में बिहार को साझा करता है।
कथित तौर पर अंग्रेजों ने सोनभद्र क्षेत्र में सोने के भंडार को खोजने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र होने के लिए समाचारों में अधिक है।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में लगभग 3, 000 टन और 12 लाख करोड़ रुपये मूल्य के सोने के भंडार की खोज की है, जो भारत के पीली धातु के वर्तमान रिजर्व का लगभग पांच गुना है। जिला खनन अधिकारी के-के राय ने शुक्रवार को यहाँ बताया कि सोना पहाड़ी और हरदी इलाके में मिला है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा सोनभद्र में सोने के भंडार को खोजने का काम 1992-93 के लगभग दो दशक पहले शुरू किया गया था। अधिकारी ने कहा कि सोन पहाड़ी में जमा लगभग 2, 943.26 टन है, जबकि हरदी ब्लॉक में 646.16 किलोग्राम है। उन्होंने कहा कि सोने के अलावा, कुछ अन्य खनिज भी क्षेत्र में पाए गए हैं।
विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार, भारत में वर्तमान में 626 टन सोने का भंडार है। नया भंडार उस राशि का लगभग पांच गुना है और लगभग 12 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। कथित तौर पर अंग्रेजों ने सोनभद्र क्षेत्र में सोने के भंडार को खोजने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो कि नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र होने के लिए समाचारों में अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि सोनभद्र-उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला-देश का एकमात्र ऐसा जिला है, जो अपनी सीमाओं को चार राज्यों-मध्य प्रदेश से पश्चिम, छत्तीसगढ़ से दक्षिण, झारखंड से दक्षिण-पूर्व और बिहार से पूर्व में साझा करता है।

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोना

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोने

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धरती के गर्भ में तकरीबन 3000 टन सोने की मौजूदगी का पता चला है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने इसका पता लगाया। यह देश के मौजूदा कुल स्वर्ण रिजर्व के तकरीबन 5 गुना के बराबर है। सोनभद्र के जिला खनन अधिकारी केके राय ने शनिवार को बताया कि जीएसआई ने सोन पहाड़ी और हरदी इलाकों में लगभग 3000 टन सोने की मौजूदगी का पता लगाया है। GSI की टीम पिछले 15 साल से यूपी के सोनभद्र जिले में काम कर रही थी। टीम ने आठ साल ही पहले जमीन के अंदर सोना होने की पुष्टि कर दी थी। लेकिन अब यूपी सरकार ने तेजी दिखाते हुए सोने को बेचने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आइये जानते हैं इस खबर को विस्तार से।

केके राय ने बताया कि जीएसआई ने वर्ष 1992-93 से ही सोनभद्र में सोना ढूंढने का काम शुरू किया था। अब इन ब्लॉकों की नीलामी का काम ईटेंडरिंग के जरिए जल्द शुरू किया जाएगा। राय ने बताया कि सोन पहाड़ी में जमीन के अंदर लगभग 2943.26 टन और हरदी ब्लॉक में करीब 646.16 किलोग्राम सोना होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सोने के अलावा कुछ अन्य खनिज तत्व भी इन इलाकों में पाए गए हैं। सोनभद्र में पाया गया यह सोना भारत के कुल स्वर्ण कोष का लगभग 5 गुना है जिसकी कीमत तकरीबन 12 लाख करोड़ रुपए होगी। विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक भारत के पास इस वक्त 626 टन गोल्ड रिजर्व है। सोनभद्र चार राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार की सीमाओं से लगा हुआ है। माना जाता है कि ब्रिटिश काल में सोनभद्र के इस पहाड़ी को सोन पहाड़ी के नाम से जाना जाता है। हालांकि अचानक से इन सोने की खदान का पता नहीं चला। बल्कि इस सोने की खदान का पता लगने में करीब 40 साल लग गए। बताया जा रहा है कि मौजूदा इतने सोने की कीमत करीब 12 लाख करोड़ रुपये है। जीएसआई खदान के इलाके का हवाई सर्वेक्षण करा रही है। इसके लिए 2 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

सोनभद्र की पहाड़ियों में कैसे मिली 3 हजार टन सोना

सांपों के पहरे में सोनभद्र में हजारों टन सोना

सोनभद्र सोना और यूपी देश में ही नहीं पूरी दुनिया में सुर्खियों में है वजह है उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 3 हजार टन सोने का भंडार होना जब से इस बात का खुलासा हुआ है
सबकी नजर सोनभद्र पर है लोग वहाँ मिले अकूत सोने के भंडार के बारे में जानने को बेहद उत्सुक हैं। जहाँ एक तरफ सोने के भंडार मिलने से यूपी समेत पूरा देश बेहद खुश है लेकिन ये खजाना लेना इतना आसान नहीं है क्योंकि ये खतरनाक सांपों के पहरे में है खजाने के पीछे जहरीले और खतरनाक सांपों का बसेरा है। ये सांप उस खजाने पर कुंडली मारकर बैठे हैं ये सांप किसी फौज की तरह खजाने के आसपास बहुतायत संख्या में हैं। बताया जा रहा है कि वहाँ दुनिया के सबसे जहरीले प्रजाति के तीन तरह के सांपों की संख्या सबसे ज़्यादा है भू-वैज्ञानिकों को सोनभद्र में दो जगहों पर सोने का भंडार होने की जानकारी मिली है अब जिस जगह सोने की खादान होने का पता चला है वहाँ बड़ी संख्या में जहरीले सांपों के होने की मौजूदगी सामने आ रही है
सांपों की इस जहरीली प्रजाति में कोबरा, करैत और रसेल वाइपर मुख्य हैं

सांपों के पहरे में सोनभद्र में हजारों टन सोना

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